रविवासरीय साप्ताहिक पहेली-3 में
आप सबका स्वागत है।
आपको पहचान कर निम्नांकित चित्र का
नाम और स्थान बताना है।

उत्तर देने का समय 22सितम्बर सायं 5 बजे तक।
जिसे वह अपने ब्लॉग पर लगाने के अधिकृत होंगे।
रविवासरीय साप्ताहिक पहेली-3 में
आप सबका स्वागत है।
आपको पहचान कर निम्नांकित चित्र का
नाम और स्थान बताना है।


किन्तु इनका जवाब अधूरा था। इन्होंने स्थान नही बताया था।
इसके अतिरिक्त
Mumbai Tigerहे! प्रभु यह तेरापन्थ
SELECTION & COLLECTION SELECTION & COLLECTION
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक, डॉ. इन्द्र देव माहर , nirjan ,
HUNGAMA , P.N.SAXENA , Dr.D.V.SINGH
रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) , ρяєєтι
श्रीमतीvandanaगुप्ता एवं आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal)
आदि ने भी इस प्रतियोगिता में भाग लेकर हमारा उत्साहवर्धन किया।
आज के विजेता श्री श्री रावेंद्रकुमार रवि सहित
सभी प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई!
निम्न प्रमाणपत्र
श्री श्री रावेंद्रकुमार रवि की सम्पत्ति है
उत्तर देने का समय 15 सितम्बर सायं 5 बजे तक।
परिणाम मंगलवार 16 सितम्बर को सुबह 6 बजे प्रकाशित किये जायेंगे।
सबसे पहले सही उत्तर देने वाले प्रतिभागी को नम्बर-1 दिया जायेगा और
पहेली का विजेता किया जायेगा।
इन्हें रविवासरीय आन-लाइन प्रमाणपत्र दिया जायेगा।
जिसे वह अपने ब्लॉग पर लगाने के अधिकृत होंगे।
सही उत्तर देने अन्य प्रतिभागियों को
क्रमश 2-3-4-5- के स्थान पर रखा जायेगा।
अगली रविवासरीय साप्ताहिक पहेली - अगले रविवार को
सायं 5 बजे प्रकाशित की जायेगी।
रविवासरीय साप्ताहिक पहेली-१ में सही उत्तर देने वाले नं०-२ हैं-
श्री मुकुन्द (mukund ) जी

रविवासरीय साप्ताहिक पहेली-१ में सही उत्तर देने वाले नं०-3 हैं-
सुश्री अल्पना वर्मा जी

रविवासरीय साप्ताहिक पहेली-१ में सही उत्तर देने वाले नं०५ हैं-
श्री Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" जी
इसके अतिरिक्त
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक, ममता राज, Anuj Kashyap Prajapati,
श्रीमतीvandanaगुप्ता एवं श्रीमती निर्मला Nirmla Kapila
आदि ने भी इस प्रतियोगिता में भाग लेकर हमारा उत्साहवर्धन किया।
आज के विजेता श्री समीर लाल जी Udan Tashtari सहित
सभी प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई!
निम्न प्रमाणपत्र
श्री समीर लाल जी Udan Tashtari की सम्पत्ति है
रविवासरीय साप्ताहिक पहेली-१ रविवासरीय साप्ताहिक पहेली में आप सबका स्वागत है। आपको पहचान कर निम्न का नाम बताना है। ![]() परिणाम मंगलवार ८ सितम्बर को सुबह ६ बजे प्रकाशित किये जायेंगे। सबसे पहले सही उत्तर देने वाले प्रतिभागी को नम्बर-1 दिया जायेगा और पहेली का विजेता घोषित किया जायेगा। इन्हें रविवासरीय पहेली विजेता प्रमाणपत्र आन-लाइन दिया जायेगा। जिसे वह अपने ब्लॉग पर लगाने के अधिकृत होंगे। सही उत्तर देने वाले अन्य प्रतिभागियों को क्रमश २-३-४-५ ---- के स्थान पर रखा जायेगा। अगली रविवासरीय साप्ताहिक पहेली -२ अगले रविवार को सायं ५ बजे प्रकाशित की जायेगी। |
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मेरे पति (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक") ने
इस वर्ष बारिश शुरू होने पर,
"बादल" शीर्षक से यह गीत लिखा था।
इसे मैं अपनी आवाज में
प्रस्तुत कर रही हूँ-
श्रीमती अमर भारती
बड़ी हसरत दिलों में थी, गगन में छा गये बादल।
हमारे गाँव में भी आज, चल कर आ गये बादल।।
गरज के साथ आयें हैं, बरस कर आज जायेंगे,
सुहानी चल रही पुरवा, सभी को भा गये बादल।
हमारे गाँव में भी आज, चल कर आ गये बादल।।
धरा में जो दरारें थी, मिटी बारिश की बून्दों से,
किसानों के मुखौटो पर, खुशी चमका गये बादल।
हमारे गाँव में भी आज, चल कर आ गये बादल।।
पवन में मस्त होकर, धान लहराते फुहारों में,
पहाड़ों से उतर कर, मेह को बरसा गये बादल।
हमारे गाँव में भी आज, चल कर आ गये बादल।।
मेरे श्रीमान जी (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक") लिखते तो बहुत हैं, परन्तु घर में कभी गाते नही हैं। आज उन्हीं की आवाज में उनका निम्न गीत प्रस्तुत कर रही हूँ। श्रीमती अमर भारती बुलबुलों का सदन है मेरा वतन, क्यों इसे वीरां बनाने पर तुले हो? खुशबुओं का चमन है मेरा वतन, क्यों यहाँ दुर्गन्ध लाने पर तुले हो? शान्त-सुन्दर भवन है मेरा वतन, आग क्यों इसमें लगाने पर तुले हो? प्यार की गंग-ओ-जमुन मेरा वतन, क्यों यहाँ हिंसा बहाने पर तुले हो? रोशनी में मगन है, नन्हा दिया, इससे क्यों घर को जलाने पर तुले हो? |
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सर्व प्रथम हिन्दी एग्रीग्रेटर ब्लागवाणी का आभार प्रकट करती हूँ कि उनकी टीम ने मेरे एक अनुरोध पर ही अपने इस अग्रणी हिन्दी एग्रीग्रेटर में मुझे पंजीकृत कर लिया। इस पोस्ट को लगाने का मेरा उद्देश्य यह है कि मैं सभी ब्लॉगर्स को यह बताना चाहती हूँ कि कल से मैं अपने इस ब्लॉग पर अपने पतिदेव डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" की कविताओं का वाचन अपने स्वर में नियमितरूप से किया करूँगी। आप सबके आशीर्वाद की आकांक्षिणी- श्रीमती अमर भारती |
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