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शुक्रवार, 21 अगस्त 2009

आभार के तीन अक्षर


सर्व प्रथम हिन्दी एग्रीग्रेटर ब्लागवाणी
का
आभार प्रकट करती हूँ कि
उनकी टीम ने मेरे एक अनुरोध पर ही
अपने इस अग्रणी हिन्दी एग्रीग्रेटर में
मुझे पंजीकृत कर लिया।
इस पोस्ट को लगाने का मेरा उद्देश्य यह है कि
मैं सभी ब्लॉगर्स को यह बताना चाहती हूँ कि
कल से मैं अपने इस ब्लॉग पर
कविताओं का वाचन अपने स्वर में
नियमितरूप से किया करूँगी।
आप सबके आशीर्वाद की आकांक्षिणी-
श्रीमती अमर भारती

9 टिप्‍पणियां:

vandana ने कहा…

aap kavita vachan kijiye .........hum sunenge.
aapko hamari taraf se hardik shubhkamnayein.

sada ने कहा…

बहुत-बहुत शुभकामनाएं, इस नई शुरूआत के लिए ।

Nirmla Kapila ने कहा…

वाह वाह भारती जी बहुत बहुत बधाई और स्वागत है आपका बडे शौक से सुनेंगे शास्त्री जी को भी बहुत बहुत बधाई

Dr. Mahesh Sinha ने कहा…

बधाई हो स्वयं को बधाई देना अनूठा प्रयास

shama ने कहा…

ओह ...ये कितनी अच्छी बात पता चली .. अच्छा हुआ ,कि , इस नए ब्लॉग पे 'click' करने का मन हुआ !

अनेक शुभकामनाएँ !इन्तेज़ार रहेगा !

http://shamasansmaran.blogspot.com

http://lalitlekh.blogspot.com

http://aajtakyahantak-thelightbyalonelypath.blogspot.com

http://shama-baagwaanee.blogspot.com

श्यामल सुमन ने कहा…

आपका स्वागत है ब्लाग जगत में इस प्रकार के शानदार आगमन के लिए।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

भारती जी।
ब्लॉगिंग में आपका स्वागत है।
यह साहस करने के लिए बधाई।

हितेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा…

Aapka swagat hai... isi tarah likhte rahiye...

http://hellomithilaa.blogspot.com
Mithilak Gap...Maithili Me

http://mastgaane.blogspot.com
Manpasand Gaane

http://muskuraahat.blogspot.com
Aapke Bheje Photo

नारदमुनि ने कहा…

narayan narayan

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