फ़ॉलोअर

अचार-चटनी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
अचार-चटनी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 12 नवंबर 2009

"आँवले का ताजा अचार" (श्रीमती डॉ.अमर भारती)

आँवला खाइए! सेहत बनाइए!!

(आँवले का अचार)


जाड़े का मौसम दस्तक दे चुका है। ऐसे में खिचड़ी खाई जाये और साथ में आँवले का ताजा-ताजा अचार हो तो उड़द की दाल की खिचड़ी का स्वाद बहुत बढ़ जाता है।
आइए, आज मैं आपको आँवला का ताजा अचार बनाने की विधि बताती हूँ।
आधा किलो ताजे आँवले लें और उन्हें साफ पानी से धो लें। अब इनको साफ पानी में एक छोटा चम्मच नमक डालकर उबाल लें। उबल जाने पर इनका पानी फेंक दें और साफ पानी से धो लें।
लोहे की कड़ाही में 4-टेबिल स्पून तेल डालकर चूल्हे पर चढ़ा दें। तेल गरम हो जाने पर उसमें एक छोटा चम्मच जीरा डाल दें, जीरा भुन जाने पर चार टेबिल-स्पून पिसा धनिया पाउडर, एक छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, नमक-मिर्च स्वादानुसार पानी में धोलकर डालें। यह मसाला भुन जाने पर इसमें उबले आँवले डाल दें। थोड़ी देर तक इन्हें मसाले के साथ चलायें और 200ग्राम पानी डालकर धीमी आँच पर पानी सूखने तक पकने दें। 
(नोटः- यह भी ध्यान रखें कि इस अचार में नमक सामान्य से कुछ अधिक ही डाला जाता है)
आँवलों का पानी सूख जाने पर इन्हें किसी स्टील या चीनी-मिट्टी के पात्र में पलट लें। 
बस तैयार है आँवले का मजेदार अचार। यह अचार गुणकारी भी है और बनाने में भी आसान है।
इन्हें खिचड़ी या पराँठे के साथ खायें। अचार का स्वाद आपको भुलाए नही भूलेगा।
इस अचार को फ्रिज में रखकर एक सप्ताह तक खाया जा सकता है।

चुराइए मत! अनुमति लेकर छापिए!!

Protected by Copyscape Online Copyright Infringement Protection

लिखिए अपनी भाषा में