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रविवार, 29 अगस्त 2010

“आओ ज्ञान बढ़ाएँ, पहेली-46” (अमर भारती)

अमर भारती साप्ताहिक पहेली-46 में   
आपका स्वागत है! 
उड़ते हुए पक्षी का नाम बताइए!
 उत्तर देने का समय 
31 अगस्त, 2010, 
सायं 7 बजे तक! 
परिणाम 01
सितम्बर, 2010 को 
प्रातः 9 बजे तक 
प्रकाशित किये जायेंगे!
सबसे पहले पहेली का 
सही उत्तर देनेवाले को
 
न.-1 तथा पहेली का विजेता 

घोषित किया जायेगा! 

इसके बाद सही उत्तर देने वालों को
 
क्रमशः 2-3-4-5 ….
 
पर रखा जायेगा!
 
पहेली के विजेता को
 
ऑनलाइन प्रमाणपत्र भी दिया जायेगा! 
अमर भारती पहेली न.-47

अगले रविवार को 

प्रातः 8 बजे प्रकाशित की जायेगी!

27 टिप्‍पणियां:

दर्शन लाल बवेजा ने कहा…

बाज़

दर्शन लाल बवेजा ने कहा…

eagle

दर्शन लाल बवेजा ने कहा…

गरुड़

इंदु अरोड़ा ने कहा…

चील पक्षी है

Razia ने कहा…

Kite यानि चील है

M VERMA ने कहा…

गिद्ध है

M VERMA ने कहा…

कौआ

M VERMA ने कहा…

गिद्ध या कौआ

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

कुछ सही उत्तर भी भ्रमित करने के लिए यहाँ प्रकाशित किये जा सकते हैं!
--
आप अपनी सही बात पर कायम रहें! नकल करना चाहें तो भी कोई हानि नही है!
--
उत्तर बताने के लिए वैज्ञानिकता का भी सहारा लें!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

कमेंट-मॉडरेशन भी हटा देते हैं! क्योंकि अभी तो ताऊ और समीरलाल जैसे दिग्गज भी यहाँ पधारेंगे!

M VERMA ने कहा…

कौआ .. फाईनल उत्तर

दर्शन लाल बवेजा ने कहा…

कौआ है ...
वो भी मस्ताया हुआ

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

वर्मा जी और बवेजा जी सोच लीजिए!
--
अभी उत्तर देने के लिए काफी वक्त पड़ा है!
--
कौआ बहुत चालाक और धोखे "बाज" पक्षी होता है!
--

Babli ने कहा…

ये सोलिटरी पंछी है!

शारदा अरोरा ने कहा…

वैज्ञानिकता का क्या सहारा लें , कि बादल घिरे हुए हैं तो ये चातक होगा , संध्या का वक्त है तो घरों के आस पास कबूतर होगा , चित्र नीचे से खींचा गया है जैसे पक्षी फड़फड़ा कर उड़ा हो , पंख निसन्देह आम पक्षियों से बड़े लग रहे हैं , और बस्ती के काफी ऊपर तो लग ही रही है ..तो फिर चील ही होगी । इनाम की बात नहीं , हाँ रीजिनिंग की प्रक्रिया लिख दी है ।

वन्दना ने कहा…

ये तो चील है।

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

ये तो बाज है जी....

पी.सी.गोदियाल ने कहा…

घुघुति अथवा कबूतर मे से एक

Dr.Ajmal Khan ने कहा…

चील पंछी है.

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

ये चील है, इस चील का मोबाईल नंबर पता करके फ़िर उससे बात करके बताता हूं कि ये दोपहरी की धूप की बजाये बादलों में क्यों उडान भर रही है?:)

रामराम.

रंजन ने कहा…

बहुत सुन्दर फोटो है.. बाज ही लगता है..

Udan Tashtari ने कहा…

चील

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

झूंठ बोलें तो काला कौवा काटे वाला कौवा मस्ती में उड रहा है.

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

अभी अभी ताऊ ने अपने दिव्य नेत्र खोल कर देखा तो आकाश में उडता हुआ पंछी रामप्यारी की कल की पहेली में कैद कौवा जी महाराज हैं.

यही वो कौवे जी जनका हम श्राद्ध के दिनों में इंतजार करते रहते हैं पर ये आते ही नही हैं.

शहरों में ये आजकल अति दुर्लभ हो गये हैं. आने वाली पीढी के बच्चे इन्हें तस्वीरों से ही पहचानेंगे.

अंतिम जवाब यह काला कौवा उड रहा है.

रामराम.

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

सर बाज है....

'अदा' ने कहा…

White-bellied Eagle...

राज भाटिय़ा ने कहा…

अगर हम ने इस का नाम बता दिया तो बाकी लोग क्या बतायेगे इस लिय्रे हम नही बताते की यह चातक या चातकी है, ठीक वर्षा आने से पहले यह खुशी से मस्त हो जाते है, बाकी पक्षी तो जल्दी जल्दी अपने घोषलो की तरफ़ भाग जाते है

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