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रविवार, 21 फ़रवरी 2010

"रविवासरीय साप्ताहिक पहेली-21" (अमर भारती)

रविवासरीय साप्ताहिक पहेली-21 में
आप सबका स्वागत है।
आपको पहचान कर निम्न चित्र का
नाम और स्थान बताना है।

IMG_0878
उत्तर देने का समय 23 फरवरी,2010
अपराह्न 2 बजे तक।
परिणाम बृहस्पतिवार 23 फरवरी,2010 को
सायं 4बजे प्रकाशित किये जायेंगे।
पहले सही उत्तर देने वाले प्रतिभागी को
नम्बर-1 दिया जायेगा
और पहेली का
विजेता घोषित किया जायेगा।
इन्हें रविवासरीय आन-लाइन प्रमाणपत्र दिया जायेगा।
जिसे वह अपने ब्लॉग पर लगाने के अधिकृत होंगे।
सही उत्तर देने अन्य प्रतिभागियों को
क्रमश: 2-3-4-5- के स्थान पर रखा जायेगा।
रविवासरीय साप्ताहिक पहेली–22
अगले रविवार को
 प्रातः 9 बजे प्रकाशित की जायेगी।

10 टिप्‍पणियां:

पी.सी.गोदियाल ने कहा…

Haldwani kaa gurudwara hai !

M VERMA ने कहा…

gurudwara moti bagh

Udan Tashtari ने कहा…

गुरुद्वारा भंडारा साहेब, नानक माता

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

समीरलाल जी!
पहेली का तीर निशाने से थोड़ा चूक गया है!
आप आस-पास तक तो पहुँच गये हैं!
थोड़ा और गहराई में जाओ!
हो सके तो मयंक और दंगल की पिछली पोस्ट पलट लें!

Udan Tashtari ने कहा…

गुरूद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब उत्तराखण्ड

Udan Tashtari ने कहा…

दूध वाला कुँआ, गुरुद्वारा नानकमत्ता साहेब, उत्तराखण्ड.

अल्पना वर्मा ने कहा…

Gurudwara Doodh Wala Khuan ( Kuan ) Sahib --it is located near Gurudwara Nanak Matta Sahib. [उत्तराखण्ड]

प्रकाश गोविन्द ने कहा…

Gurudwara Doodh Wala Khuan ( Kuan ) Sahib is located near Gurudwara Nanak Matta Sahib. The Siddhas who inhabited this place possessed a large number of cows. Bhai Mardana expressed a desire for milk. Guru ji told him to ask the yogis for some milk. The Siddhas refused to give him any milk and taunted him by telling him to get milk from his Guru. By virtue of his spiritual powers, Guru Sahib drew all the milk from the cows of the yogis and stored it in a well. It is said that the water of this well tasted like milk. Since that time, this well is called the Doodh Wala Khuh, or the Well of Milk. Along with the historic well, the Gurudwara is Constructed thereafter Known as Gurudwara Doodh Wala Kuan.

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

अब तक तो बहुत से लोग
सही उत्तर दे चुके होंगे!

--
कह रहीं बालियाँ गेहूँ की –
"नवसुर में कोयल गाता है, मीठा-मीठा-मीठा!
श्रम करने से मिले सफलता,परीक्षा सिर पर आई! "
--
संपादक : सरस पायस

नीरज मुसाफिर जाट ने कहा…

मैं बताऊं?
ओहो, अब तो काफी देर हो चुकी है.
सही मे, अगर देर ना होती तो मैं इस पहेली का हल पक्का बता देता.
चलो, कोई नी.
अगली बार.

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