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बुधवार, 4 नवंबर 2009

रविवासरीय साप्ताहिक पहेली-9 का उत्तर

विवासरीय साप्ताहिक पहेली-9 का सही उत्तर था

प्रतापनगर का पौराणिक मन्दिर (उत्तराखण्ड)
प्रतापनगर की स्थापना प्रतापशाह ने सन 1897 में की, यहाँ पर एक पौराणिक मंदिर ग्राम खोलगढ़ के बुजुर्गों द्वारा स्थापित था जिसका जीर्णोधार महाराजा प्रतापशाह द्वारा किया गया | यह मंदिर पंचनाम देव का है | इस मंदिर के अन्दर काले संगमरमर की रघुनाथ जी की मूर्ति स्थापित थी जी चोरों द्वारा चुरा ली गयी थी | जिसका कुछ पता नहीं चला | इस मंदिर के पुजारी जोशी ब्रह्मण हैं जिनकी तीसरी पीढी के श्री गिरीशचंद जोशी आज भी मंदिर में पूजा अर्चना करते हैं | मंदिर के अन्दर माँ राजराजेश्वरी की पीतल की मूर्ति थी जो चोरी हो गयी थी | इस वक़्त मंदिर के अन्दर सुर्यनारायण , गणेश जी की मूर्तियां संगमरमर की मौजूद है साथ ही मंदिर के अन्दर एक शिवलिंग भी संगमरमर का मौजूद है | इस मंदिर के पुजारी श्री जोशी अल्मोडा के झिझाड गाँव से रजा प्रतापशाह ने ला रखे हैं| पुजारी श्री जोशी के अन्य भाई पुरानी टिहरी के मंदिरों के पुजारी थे | रजा इनको प्रतिमाह राशन , पूजा सामग्री एवं वेतन दिया करते थे इनके रहने के लिए मकान मंदिर के पास ही है | पुरानी टिहरी डूबने के बाद इस मंदिर के पुजारी को लगभग बर्षों से कोए सहायता नहीं मिल पायी स्वयं के प्रयास एवं कमाई से जोशी जी पूजा अर्चना की सामग्री की व्यवस्था करते हैं | मंदिर में आय का कोए साधन नहीं है ( जिससे  मंदिर जीर्ण - शीर्ण हालत में है ) | मंदिर में चरों ओर बरामदा एवं कमरा है बहार ऊपर की ओर दो गुम्बद है जिनपर चददरें मढ़ी है | जगह - जगह चददर उखड गयी है मंदिर के ऊपर दो कलश लगे हैं एक अष्टधातु तथा एक पीतल का है | पीतल के कलश की चमक सोने जैसी है और अभी तक चमकती है | महाराजा ने मंदिर के वन्धान एवं वेतन को बंद न करने का वचन दे रखा था | पुजारी के पूर्वज 12  महीने यहीं रहा करते थे आज भी श्री गिरीशचंद जोशी यहीं 12 महीने रहते हैं | प्रतापनगर का पुराना नाम ठांगधार था यहाँ पर ग्राम पंचायत खोलगढ़ पल्ला की नामशुदा जमीन थी जिसको राजा ने अधिग्रहण कर जमीन के मालिकों को मिश्रवाण गाँव के नीचे तलाउ खेत दिए जिसका नाम आज धारगढ है | जो आज ग्राम पंचायत मिश्रवाण गाँव का हिस्सा है।
जिसके विजेता हैं
श्री Mishra Pankaj जी

निम्न प्रमाणपत्र श्री Mishra Pankaj जी की सम्पत्ति है।



इसके अतिरिक्त  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" , श्री प्रकाश गोविन्द जी, श्रीमती Babli जी, श्रीमती वन्दना जी दि ने भी इस प्रतियोगिता में भाग लेकर हमारा उत्साहवर्धन किया।
आज के विजेता श्री Mishra Pankaj जी सहित 
सभी प्रतिभागियों को हार्दिक बधाइयाँ!
रविवासरीय साप्ताहिक पहेली-10 में
अगले रविवार को सायं 5 बजे अवश्य भाग लें।

5 टिप्‍पणियां:

Babli ने कहा…

पंकज जी को बहुत बहुत बधाइयाँ! आपके अगले पोस्ट का इंतज़ार रहेगा!

seema gupta ने कहा…

पंकज जी को हार्दिक बधाई
regards

पी.सी.गोदियाल ने कहा…

वाह, मिश्रा जी को बधाई !

वन्दना ने कहा…

mishra ji ko hardik badhayi.

Mishra Pankaj ने कहा…

धन्यवाद आप सबका

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